चांदकेवारी में अप्पन समाचार की मीडिया कार्यशाला

चांदकेवारी गांव में आयोजित अप्पन समाचार के सामुदायिक मीडिया प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेती किशोरियां और प्रशिक्षक

मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड अंतर्गत चांदकेवारी गांव स्थित अप्पन समाचार कार्यालय में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में गांव की लड़कियों और किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा लेखन, वाचन और अभिव्यक्ति से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला में अप्पन समाचार के संस्थापक संतोष सारंग, फूलदेव पटेल एवं अमृतांज इंदीवर ने बतौर प्रशिक्षक भाग लिया।  प्रतिभागियों को बताया गया कि लेखन क्यों आवश्यक है और किस प्रकार गांव की समस्याओं एवं मुद्दों को पहचानकर उन्हें खबर, कहानी, लेख, पॉडकास्ट, फोटो स्टोरी के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

संतोष सारंग ने प्रतिभागियों को पढ़ने, बोलने और लिखने जैसे बुनियादी कौशलों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अप्पन समाचार की शुरुआती यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि चांदकेवारी में अप्पन समाचार की शुरुआत उस समय हुई थी, जब यहां की अधिकांश लड़कियां और महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर नहीं निकल पाती थीं। उन्होंने कहा कि जीवन में लेखन और वाचन कौशल का अत्यंत महत्व है। डिजिटल टूल्स के माध्यम से अभिव्यक्ति करना बहुत आसान है। बस उसके लिए लेखन की तकनीक-कौशल जानना होगा। इनके बिना महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण मुद्दों को व्यापक समाज तक पहुंचाना कठिन है।

चांदकेवारी गांव में आयोजित अप्पन समाचार के सामुदायिक मीडिया प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेती किशोरियां और प्रशिक्षक

उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी बात प्रभावी ढंग से लिखने और अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। अमृतांज इंदीवर ने अप्पन समाचार के माध्यम से गांव में आए सामाजिक बदलावों के कई उदाहरण साझा किए। उन्होंने कहा कि सामाजिक समानता और विकास तभी संभव है, जब किशोरियां अपने विचारों व समस्याओं को खुलकर अभिव्यक्त करें। उन्होंने “खूब लिखो, खूब पढ़ो” अभियान की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को नियमित अध्ययन और लेखन के लिए प्रेरित किया।

फूलदेव पटेल ने महिलाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को सामने लाना समाज के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने आसपास की घटनाओं और समस्याओं को समझने तथा उन्हें लेखन के माध्यम से समाज के सामने रखने का तरीका बताया। प्रशिक्षण के दौरान सिमरन सहनी, रिमझिम कुमारी, रिंकल कुमारी, काजल कुमारी, विमला कुमारी, प्रियंका, खुशबू, नंदनी, सपना, राजनंदनी, साक्षी, खुशी, स्वीटी, पूजा एवं अंजली सहित अन्य प्रतिभागियों ने खबर, कहानी और लेख की बारीकियों को सीखा। कार्यशाला में कई अभिभावक भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना की।

कार्यशाला का उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं में लेखन, वाचन तथा अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करना था, ताकि वे अपने समाज और गांव की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सामने ला सकें तथा सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

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