मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड के मंसूरपुर चमरुआ गांव में अप्पन समाचार फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित हुई एक दिवसीय सामुदायिक मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला। इस कार्यशाला में गांव की लड़कियों और किशोरियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लेखन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा।
कार्यशाला में संस्थापक संतोष सारंग, ‘चिट्ठा’ की संपादक यशोदा कुमारी पासवान और अमृतांज इंदीवर ने बतौर प्रशिक्षक भाग लिया। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि लेखन क्यों जरूरी है और किस तरह गांव के मुद्दों को पहचानकर उन्हें कहानी, खबर और लेख के रूप में लिखा जा सकता है।

संतोष सारंग ने लड़कियों को पढ़ने, बोलने और लिखने जैसे बुनियादी कौशलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी बात सही तरीके से लिखना सीख जाएं, तो समाज में अपनी आवाज़ मजबूत कर सकते हैं।

यशोदा कुमारी पासवान ने गांव की महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और बताया कि कैसे स्थानीय समस्याओं को सामने लाना जरूरी है। वहीं अमृतांज इंदीवर ने मुद्दों की पहचान करने और उन्हें अलग-अलग तरीके से लिखने की तकनीक सिखाई।
इस दौरान प्रतिभागियों—निशा कुमारी, पायल कुमारी, नीतू कुमारी, विशाखा, आरती कुमारी, नीलू कुमारी, करीना कुमारी, भारती कुमारी, कंचन कुमारी, अंजली कुमारी और राखी कुमारी—ने खबर, कहानी और लेख लिखने का अभ्यास किया और अपने अनुभव साझा किए।

अप्पन समाचार लंबे समय से गांव की वंचित लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए काम कर रहा है। इस तरह की कार्यशालाओं के जरिए उन्हें अपनी बात कहने और समाज में बदलाव लाने का अवसर मिल रहा है।