अंतर्राष्ट्रीय मंच पर आवाज बुलंद करेगी गांव की बेटी अभिलाषा

चंपारण की एक और बेटी अभिलाषा भारती ने अपने इलाके का नाम रोशन किया है. ललबेगीया गांव की अभिलाषा सार्क यूथ वर्ष के 23 वें वर्षगांठ पर अंतराष्ट्रीय यूथ कमेटी एवं भारत सरकार व उड़ीसा सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित “साउथ एशिया यूथ समिट 2017” में शामिल होने जा रही हैं. 17 से 20 सितंबर तक उड़ीसा की राजधानी भुवनेशर में आयोजित इस यूथ समिट में सार्क देशों के आठ सदस्य देश- भारत, पाकिस्तान, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश से 16 वर्ष से लेकर 29 वर्ष तक के 150 युवा डेलीगेट्स भाग लेने वाले हैं, जो ग्लोबल थीम ‘ससटेनेबल भविष्य का निर्माण – युवा सशक्तीकरण के साथ’ पर अपनी रचनात्मक विचारों को साझा करेंगे. इसके अलावा 54 देशों के ऑब्जर्वर के रूप में युवा प्रतिनिधि अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. इसमें 450 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं.
भारत की तरफ से अन्य डेलीगेट के साथ बिहार से एकमात्र चंपारण की अभिलाषा भारती को भाग लेने का निमंत्रण मिला है. अभिलाषा पूर्वी चंपारण के ललबेगीया गांव के अंबिका प्रसाद एवं किरण देवी की सुपुत्री है. अभिलाषा ख्वाब फ़ाउंडेशन की सक्रिय सदस्य भी है, जो नारी सशक्तीकरण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा मुहैया करा रही हैं. अभिलाषा अपने गांव से लगभग 15 किमी रोज चल कर मोतिहारी के डॉ श्री कृष्ण सिंह महिला महाविद्यालय से बीसीए की पढ़ाई कर रही हैं. एक लड़की के लिए रोज-रोज गांव से शहर आना-जाना और फिर पढ़ाई करके सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना आसान नहीं है, लेकिन अभिलाषा ने यह कर दिखाया है. समिट में शामिल होने का आमंत्रण मिलने के बाद घर और गांव में हर्ष व्याप्त है. अभिलाषा की इस कामयाबी पर कॉलेज के शिक्षक और उसके सहपाठी फूले नहीं समा रहे हैं. इससे पहले भी अभिलाषा भारती ने अंतर्राष्ट्रीय यूथ अडवेंचर कैंप , नाम्जे, नेपाल में भारत से शामिल होकर ‘बेस्ट पार्टीसिपेंट अवार्ड’ प्राप्त कर चुकी हैं. चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष पर आयोजित ‘चंपारण यूथ कॉन्फ्रेंस’ में कुशल वक्ता के रूप में अपनी छाप छोड़ चुकी हैं.  जानकारी हो कि इस समिट में हिस्सा लेनेवाले डेलीगेट्स  दक्षिण एशियाई देशों के बीच अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के साथ ही युवाओं को स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की समझ विकसित करने में अपनी महती भूमिका निभाएंगे. युवा डेलीगेट्स अपनी स्थानीय समस्याओं को विश्व पटल पर रखेंगे और संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्धारित विजन 2030 के ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल’ के लक्ष्य को हासिल करने में स्थानीय, राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर अपनी अहम भूमिका निभाएंगे.

 इनपुट : मोतिहारी से मुन्ना भाई

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