सैंपल कलेक्शन के बाद भी लैब तक नहीं पहुंची मिट्टी

मुशहरी. किसानों को हर कदम पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. खेतों में पसीने बहाने के साथ-साथ कृषि कार्यालयों से लेकर केवीके तक दौड़ लगाना उनकी नियति बन चुकी है. अब देखिए, कैसे किसानों के लिए मिट्टी की जांच कराना भी कितना जद्दोजहद भरा काम है. अप्रैल में संग्रह की गयी मिट्टी के 17 हजार सैंपल जुलाई तक मुशहरी स्थित लैब में नहीं पहुंचा है. जांच रिपोर्ट के इंतजार में इतने किसानों ने धान की रोपनी कर दी. बिना मिट्टी जांच के ही खेतों में उर्वरक व पोषक तत्वों का प्रयोग किया गया. ऐसी खेती से फसल के उत्पादन के साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकता है.सैंपल कलेक्शन के बाद भी अधिकारियों ने लैब तक मिट्टी पहुंचाने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया. मिट्टी जांच के लिए सैंपल कलेक्शन होने के बाद भी लैब तक नहीं पहुंच पाना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है. इसमें प्रखंड से लेकर जिले तक के अधिकारी जवाबदेह हैं. विशेषज्ञों की माने, तो मिट्टी की गुणवत्ता सैंपल के सुरक्षित रखरखाव पर निर्भर करता है. वहीं, माइक्रोबियल जांच के लिए समय सीमा भी निर्धारित है. इसके बाद सैंपल जांच से कोई फायदा नहीं होगा. धूप में सूखी व बारिश में गीली हो चुकी मिट्टी जांच से कोई फायदा नहीं है.

इन-इन जगहों पर पड़े हैं इतने सैंपल
औराई में 1055,बंदरा में 444, मोतीपुर में1350, गायघाट में 799, साहेबगंज में 1129, मुशहरी में 1090, कांटी में 1006, सकरा में 1089,सरैया में 1468,कटरा में 745, पारू में 1492, मड़वन में 670, कुढ़नी में 1507, मीनापुर में 1444, बोचहां में 1189, मुरौल में 444 सैंपल पड़े हुए हैं. 

जानिये इनकी राय 

  • लैब के सहायक अवधेश कुमार साहू कहते हैं प्रयोगशाला तक मिट्टी जांच के सैंपल पहुंचाना डीएओ की जवाबदेही है. लैब में जो नमूना आयेगा, हम उन्हीं की जांच करायेंगे. प्रयोगशाला तक 90 सैंपल आये, उसकी जांच की जा चुकी है.
    अवधेश कुमार साहू, सहायक
  • कृषि विज्ञानं केंद्र, सरैया के मिट्टी जांच विशेषज्ञ डॉ केके सिंह ने कहा कि मिट्टी का सैंपल हवा में सुखाने के बाद सूखे स्थान पर रखी गयी होगी, तो गुणवत्ता बरकरार रहेगी. अन्यथा गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है. रिपोर्ट के तथ्यों में भी अंतर आ सकता है. वैसे कलेक्शन के एक सप्ताह के अंदर सैंपल की जांच कर लेनी चाहिए. माइक्रोबियल विश्लेषण के लिए फ्रेश मिट्टी ही बेहतर है.
  • मुजफ्फरपुर के डीएओ केके वर्मा ने बताया कि निदेशक (रसायन), मिट्टी जांच प्रयोगशाला इस बार मिट्टी जांच काफी धीमी है. मिट्टी जांच की समीक्षा के लिए बैठक बुलायी गयी है. सैंपल कलेक्शन के बाद भी लैब तक सैंपल क्यों नहीं पहुंचा, इसकी जानकारी बीएओ से ली जायेगी.  

                                                                                                                                                           – अप्पन समाचार न्यूज नेटवर्क

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