गिराया था धान 6444 का बिचड़ा, निकला खरपतवार

मुजफ्फरपुर. किसान एक बार फिर छले गये. किसानों का पसंदीदा धान 6444 का बीज फेल हो गया है. नर्सरी में हरे-भरे बिचड़े की जगह खरपतवार निकल आया है. नर्सरी की यह हालत देख किसान अपना सिर पीट रहे हैं. किसानों ने अधिक उत्पादन की उम्मीद के साथ इस महंगी किस्म का बिचड़ा गिराया था. बीज में अंकुरण नहीं आने से खेती का सारा प्लान चौपट हो गया है. हालांकि, कृषि विभाग के अधिकारियों को बिचड़ा फेल होने की जानकारी नहीं है. एक आंकड़े के मुताबिक, मुजफ्फरपुर में करीब 60 फीसदी किसान इस किस्म के बीज लगाते हैं. यह बीज सरकारी योजनाओं में भी शामिल हैं. किसानों ने 275 रुपये प्रति किलो की दर से बीज की खरीदारी कर इसे नर्सरी में लगाया था. किसान बिचड़ा निकलने का इंतजार करते रहे. करीब पांच से 10 दिन में इन्हें रोपनी करनी थी. लेकिन, अब धान की रोपनी कैसे करेंगे, यह बड़ा सवाल है. केरमा के किसान संजय कुमार, अनिल चौधरी, नया टोला के रामचंद्र राय, अशोक राय, सरमस्ता केे रिकुबुल रहमान, बसौली के धर्मदेव राय, केरमा के संतोष कुमार, अभय कुमार, राम पुकार सिंह, मधुबन पंचायत के उदन कुमार, दीपक कुमार बताते हैं कि किसानों ने करीब पूर्व 15 दिन बिचड़ा गिराया था, लेकिन अंकुरण नहीं आया है. इससे काफी नुकसान हुआ है. अब फिर से बीज गिराना होगा. मुजफ्फरपुर के डीएओ विकास कुमार का कहना है कि किसानों से बिचड़ा में गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है. कहां-कहां बीज का अंकुरण नहीं हुआ, इसकी जांच करायेंगे. बिचड़ा नहीं निकलना बहुत बड़ी समस्या है. कृषि विभाग ने अच्छी कंपनी के बीज की आपूर्ति की. ऐसे में विभाग बिचड़ा में गड़बड़ी बरदाश्त नहीं करेगा. गंभीरता से जांच कर जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई की जायेगी. बबलू कुमार (डिस्ट्रीब्यूटर, बायरक्रॉप) कहते हैं कि 6444 बीज बहुत ही अच्छी क्वालिटी का है. करीब 60 फीसदी किसान इसी बीज को पसंद करते हैं. जिले में इसकी करीब चार हजार टन बीज की खपत है. इस बीज को बदनाम करने की बड़ी साजिश चल रही है. हो सकता है दुकानदार ने लोकल बीज खरीद लिया हो. अभी तक हमें शिकायत नहीं मिली थी. अगर ऐसा है, तो इसकी जांच करायेंगे. बॉयरक्रॉप के एरिया इंचार्ज शक्ति सिंह ने कहा कि किसानों की शिकायत मिली है, उनके खेतों में जांच करायी गयी है. अंकुरण कम आने की बात सही है. अपने स्तर से कार्रवाई कर रहे हैं. मटीरियल जांच करते हैं. इसके बाद स्पष्ट हो सकेगा. लगता है इलाके में गलत जगह से बीज की आपूर्ति की गयी है. किसानों से ठगी नहीं हो, इसके लिए कंपनी काफी प्रयासरत है. मनोज कुमार, प्रदेश अध्यक्ष, जदयू किसान प्रकोष्ठ बताते हैं कि ज्यादा परेशानी 6444 में आयी है. कृषि विभाग के अधिकारियों को इस पर ध्यान देना होगा. बोचहां, मीनापुर सहित कई जगहों से शिकायत मिली है. नकली बीज की आपूर्ति कैसे होती है, यह बड़ा सवाल है. कृषि विभाग से इस संबंध में बात की जायेगी. सरकार स्तर पर भी इस बात को रखा जायेगा. आखिर कब तक किसान ठगे जायेंगे?

– इनपुट : प्रेम, साभार : प्रभात खबर

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