आइए, घूस को मारें घूसा

घूसखोर इतने निडर हो गये हैं कि निगरानी विभाग के ताबड़तोड़ अभियान के बाद भी सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी बंद नहीं हो रही है. बिहार सरकार के लगभग तमाम विभागों में भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों का बोलबाला है. बिना नोट का वेट दिए आपका एक काम नहीं हो सकता है. घूसखोरों की संपत्ति जब्त करने की राज्य सरकार की कार्रवाई का भी असर इन रिश्वतखोरों पर नहीं पड़ रहा है. घूस लेना शर्म की नहीं, गर्व की बात मानते हैं ये सरकारी बाबू. जबतक घूस को घूसा नहीं मारेंगे आप और हम, तबतक भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी पैदा होते रहेंगे. आइए, हाल के दिनों में पकड़े गये कुछ भ्रष्ट हकीमों की फेहरिस्त पर नजर डालें –

पटोरी थाने के एएसआई मनोज कुमार

14 नवंबर : विजिलेंस की टीम ने 14 नवंबर को महिला थाने की थानाध्यक्ष मीरा कुमारी को नौ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. वह थानाध्यक्ष कक्ष में ही फरियादी से प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दस हजार रुपये घूस की मांग कर रही थीं. गया जिले के चंदौती थाना क्षेत्र स्थित अलीगंज के रहनेवाले इश्तियाक अंसारी ने निगरानी में इस संबंध में शिकायत दर्ज करायी थी. मीरा कुमारी अपने पैतृक जिले में ही तैनात थीं. उनके पति खगड़िया में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. थानाध्यक्ष का सगा भाई डीएसपी हैं. वे पटना के आसपास किसी इलाके में तैनात हैं.

14 नवंबर को ही समस्तीपुर में भी एक घूसखोर पकड़ा गया. निगरानी विभाग की टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पटोरी थाने के एएसआइ मनोज कुमार को पकड़ लिया. पटोरी के हसनपुर सूरत निवासी सेवानिवृत्त दारोगा रामनरेश राय पर पटोरी थाने में बिजली विभाग ने एक मामला इसी वर्ष दर्ज कराया था. इस मामले का आइओ एएसआइ मनोज कुमार को बनाया गया था. मदद करने के नाम पर एएसआइ ने रामनरेश राय से रिश्वत की मांग की थी, जिसकी शिकायत उन्होंने निगरानी विभाग से की थी.

इस तारीख को एक और अधिकारी निगरानी के शिकार बने. कटिहार जिले के कदवा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अभयनाथ मिश्र को निगरानी विभाग की पटना से आयी टीम ने मंगलवार की दोपहर रिश्वत लेते रंगे हाथों प्रखंड संकुल संसाधन केंद्र से गिरफ्तार कर लिया. प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय मीनापुर के प्रधानाध्यापक मो अबरार अहमद ने निगरानी ब्यूरो को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अभयनाथ मिश्र द्वारा मिड डे मील में गड़बड़ी की बात कह कर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी.

15 नवंबर : अगले ही दिन वैशाली जिले में एक और रिश्वतखोर पकड़ा गया. निगरानी की टीम ने बिदुपुर थाने के जमादार राम सुंदर प्रसाद को दस हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया. मारपीट के एक मामले में केस डायरी में मदद करने के लिए दस हजार रिश्वत लेते विजिलेंस ने दबोच लिया.

हिलसा प्राधिकार अभियंत्रण संगठन कार्यालय में जेई राजकुमार प्रसाद

19 नवंबर : खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड की अंबा इचरुआ पंचायत के राजस्व कर्मचारी सुधीर सिंह व बिचौलिये के भाई रणविजय सिंह को निगरानी की टीम ने 12 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया. राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी महिला थाने के समीप भारती नगर मोहल्ला स्थित उनके आवास से की गयी. पंचायत के अरविंद साव से दाखिल-खारिज के एवज में राजस्व कर्मचारी सुधीर सिंह ने 20 हजार रुपये की मांग की थी.

23 नवंबर : निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक हाजीपुर के प्रबंध निदेशक शशिभूषण प्रसाद को 80,000 रुपये रिश्वत लेते हाजीपुर पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार किया. पटना के जगदेव पथ निवासी अमित अभिषेक ने निगरानी में शिकायत दर्ज करायी थी. परिवादी का आरोप था कि बैंक के प्रबंधक निदेशक द्वारा अंतिम प्रपत्र निर्गत करने के लिए 1,15000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है.

23 नवंबर को ही नालंदा के हिलसा प्राधिकार अभियंत्रण संगठन कार्यालय में जेई राजकुमार प्रसाद को सात निश्चय योजना के काम के लिए एमवी बुक तैयार करने के एवज में 1.32 लाख रुपये घूस लेते पटना निगरानी की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर किया. प्रखंड के चिकसौरा पंचायत के बरियारपुर गांव निवासी व वार्ड सदस्य अनुज कुमार प्रसाद द्वारा सात निश्चय योजना के तहत नाली गली का कार्य 12 लाख 22 हजार का कराया गया था. इसका एमवी बुक तैयार करने के लिये वार्ड सदस्य स्थानीय प्राधिकार अभियन्त्रण विभाग में कार्यरत कनीय अभियन्ता राजकुमार प्रसाद से मिला. जूनियर इंजीनियर ने वार्ड सदस्य से योजना का एमवी बुक तैयार करने के एवज में दस परसेंट कमीशन व स्टीमेट चार्ज के रूप में 12 हजार रुपये घूस की मांग की थी.

कदवा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अभयनाथ मिश्र

30 नवंबर : मधेपुरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी दिवाकर कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते निगरानी की टीम ने धर दबोचा.

ये तो महज एक बानगी है. घूसखोरों से तो पूरा सरकारी महकमा भरा हुआ है. मंत्री से लेकर संतरी तक और अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक के हाथ काले हैं. तो आइए, घूस को घूसा मारें. कोई रिश्वत मांगें तो निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को सूचित कीजिये. बिहार सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी विभाग ऐसे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है. आप इस नंबर और पते पर संपर्क कर निगरानी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

कार्यालय का पता :  
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो
बिहार, 06, सर्कुलर रोड, पटना-800001

फ़ोन नंबर : 0612&2215344, 0612&2215043 (कार्यालय)
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