किसान समागम से किसानों का कितना होगा भला

16 जून, दिन शुक्रवार. ओड़िसा व पंजाब समेत देश के कई हिस्सों में किसान सड़क पर उतर कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, तो इधर पटना में बिहार के किसान ज्ञान भवन में कृषि रोडमैप पर विमर्श के लिए सरकार के नुमाइंदों के साथ विचारमग्न थे. अपने भाग्य के बदलने की आँखों में आशा लिए प्रदेश भर से किसान राजधानी पटना पहुंचे थे ‘किसान समागम’ में शामिल होने. 2017-2022 के लिए कृषि रोडमैप पर विचार-विमर्श के लिए राज्य सरकार ने इन किसानों को आमंत्रित किया था. इस कार्यक्रम में किसानों ने सरकार को कई बहुमूल्य सुझाव दिए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी गंभीरता से किसानों को सुनते रहे. इस किसान समागम से जो महत्वपूर्ण बातें निकल कर आयीं, वे विचारणीय हैं-

किसानों के सुझाव :

1. खेती की मजदूरी को मनरेगा से जोड़ा जाये
2. केले की लुप्त हो रही प्रजाति को बचाया जाये
3. छोटी जोत से परेशानी दूर करने के लिए चकबंदी हो
4. दलहन के साथ दूसरे अनाज की भी सरकारी स्तर पर खरीद हो
5. महिलाओं के नाम पर भी किसान क्रेडिट कार्ड जारी हो
6. टाल क्षेत्र में दवा छिड़काव ड्रोन से हो
7. गावों में दूध क्रय केंद्र खोले जाएं
8. हरेक पंचायत में एक कोल्ड स्टोरेज हो
9. नहरों का पानी अंतिम छोर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाये
10. दक्षिण बिहार में भी गन्ना की खेती को प्रोत्साहन मिले
11. कृषि को बढ़ावा देने के लिए बैंकों की जवाबदेही तय हो

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा,
1. डेयरी की तरह सब्जी की लिए भी सहकारी समिति एवं संघ का गठन किया जायेगा
2. सब्जी के भंडारण के लिए कोल्डचेन का इंतजाम होगा
3. सब्जी उत्पादन में बिहार को दूसरे नंबर पर लाएंगे
4. किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम नहीं मिलना राष्ट्रीय समस्या है

सीएम के पूर्व कृषि सलाहकार मंगला राय बोले,
1. राज्य में 800000 हेक्टेयर चौर है, इसके बाद भी हमें मछली के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है. इसके लिए काम करने की जरूरत है. मार्केटिंग, भंडारण और प्रसंस्करण कृषि के अभिन्न अंग हैं.
2. अपने देश में मात्र 5 प्रतिशत कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण होता है, जबकि मलेशिया जैसे देशों में 70 प्रतिशत
3. बकरी व मत्स्यपालन जैसे 8-10 सेक्टर ऐसे हैं, जहाँ हम 20 प्रतिशत तक ग्रोथ ले सकते हैं.

-अप्पन समाचार ब्यूरो

 

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