एक सैनिक का बेटा मांग रहा इंसाफ

मोतिहारी। यह कहानी है एक सैनिक के परिवार की. पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया के दिलावरपुर के लांस नायक श्रीनारायण कुमार ड्यूटी के दौरान ही 5 जुलाई 1985 को अचानक लापता हो गए. कुछ दिनों बाद संबंधित विभाग ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया. श्रीनारायण की बहाली 14 मई, 1973 को बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप में हुई थी. करीब 25 साल तक सैनिक पति का इंतजार करते-करते पत्नी कौशल्या देवी भी इस दुनिया से चल बसी. उधर बेटा विष्णु कुमार भी सैनिक पिता की खोज में लगा रहा और सरकारी मदद के लिए गुहार लगाता रहा. बेटा विष्णु प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक पत्र लिख चुका है, लेकिन आज तक कोई सरकारी सहायता भी नहीं मिल सकी है. पैसे के अभाव में विष्णु की पढ़ाई का सपना भी पूरा नहीं हुआ और घर भी खंडहर का खंडहर ही रह गया. देश की हिफाजत में अपनी जान की बाजी लगा देनेवाले सैनिक के परिवार की दशा देखकर आज गांव वालों को रोना आता है. सैनिक का वह हताश-निराश बेटा आज सरकार से इंसाफ की भीख मांग रहा है.

आप खुद सुनिए, लांस नायक के बेटे की पीड़ा –