यौनकर्मी की बेटी मधु के पास छुपे हैं ब्रजेश के सारे राज

मुजफ्फरपुर. बालिका गृह यौन शोषण मामले में ब्रजेश ठाकुर का काला चिट्ठा परत-दर-परत खुलता जा रहा है. अब तक ब्रजेश समेत आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है, मगर ब्रजेश की खासमखास व मुख्य राजदार मधु अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है. सूत्र बताते हैं कि मधु ब्रजेश के हर कारनामे से वाकिफ है. जबतक वह पकड़ी नहीं जाती हैं, तब तक जांच अंजाम तक नहीं पहुंच पायेगा. इस प्रकरण की तह तक जाने के लिए मधु नाम के ब्रजेश के इस मुख्य प्यादे के बारे में जानना जरूरी है.

यौनकर्मी की बेटी जब बनीं समाजसेविका
मधु सेक्स वर्कर की बेटी है. पुराने लोग बताते हैं कि सिकंदरपुर इलाके के रहनेवाले विश्वनाथ सिंह को रेडलाइट एरिया की रौशन नाम की यौनकर्मी से लगाव हो गया. जब विश्वनाथ के प्यार की इन्तहां हो गयी, तो उसने उससे शादी कर ली. इसी दोनों से मधु का जन्म हुआ. विश्वनाथ की यह दूसरी शादी थी. इसके पहले भी उसने एक दूसरी सेक्स वर्कर से शादी की थी, जिससे भी बेटी पैदा हुईं, जिसका नाम हुसना है.हुसना की मां मधुबनी जिले के झंझारपुर की रहनेवाली है. हुसना का बेटा मनोज नेपाल अपने ससुराल में रहता है. आशंका यह भी व्यक्त की जा रही है कि मधु नेपाल में छुपी है. मधु का राइट हैंड माला है, जो उसकी मौसेरी बहन है. मधु जब बड़ी हुई, तो वह शाहिस्ता से मधु हो गयी. वह खुद को पढ़ाई-लिखाई से जोड़े रखी. उसने मुजफ्फरपुर स्थित चैपमैन स्कूल से मैट्रिक पास किया. कहा जा रहा है कि बाद में उसने मध्यमा से आगे की भी पढ़ाई की. ब्रजेश के संपर्क में आने के बाद वह समाजसेविका बन गयी.

मधु का प्यार व अकूत संपत्ति का राज
मधु को चांद नाम के एक युवक से प्यार हो गया. जब प्यार परवान चढ़ा, तो उसने चांद से निकाह कर ली. रफ्ता-रफ्ता समय बीतता रहा. उसने एक लकड़ी को जन्म दिया. चांद ड्रग एडिक्टेड था. शराब व जुए की लत की वजह से मधु की चांद से दूरी बढ़ने लगी और फिर एक दिन उसे छोड़ दिया. मधु की इकलौती बेटी ने अभी पिछले साल शहर के एक प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल से मैट्रिक पास किया है. आज की तारीख में मधु के पास भी अकूत संपत्ति है. मधु को करीब से जाननेवाले बताते हैं कि उसके पास कम से कम दो प्लाॅट जमीन और दो मकान मुजफ्फरपुर शहर स्थित छोटी मजार के पास है. मधु के एक मकान में रोजी खातून नाम की किरायेदार रहती है. रोजी के दो बेटे हैं. बालिका गृह यौनशोषण मामले के उद्भेदन के बाद भी मधु से उसके किरायेदार से लगातार संपर्क रहने की बात बतायी जा रही है.

‘ऑपरेशन उजाला’ के बाद बनी ‘समाज सुधार कमेटी’
इसी बीच 1995 में तत्कालीन जिलाधिकारी राजबाला वर्मा ने ‘ऑपरेशन उजाला’ चलाकर इस बदनाम बस्ती को उजाड़ दिया. कुछ को जेल में डाल दिया, तो कुछ को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल शुरू की. अदिथि नाम के संस्था ने तवायफों को लहठी, बिंदी बनाने का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा. राजबाला वर्मा के बाद 2001 में तत्कालीन डीएसपी दीपिका सुरी ने रेडलाइट एरिया में अभियान चलाकर इस धंधे को बंद करवाया. दीपिका सुरी ने जिस अनवर मियां के मकान को ध्वस्त कर उसके अंदर कई तहखाने बने होने का भंडाफोड़ किया था, बाद में उसी मकान का पुनर्निर्माण कराकर ब्रजेश ठाकुर ने उसमें ‘शेल्टर होम’ शुरू किया. इस अभियान के तुरंत बाद स्थानीय अकबर मियां, अधिवक्ता साबिर खान, मधु आदि के साथ मिल कर ब्रजेश ठाकुर ने ‘समाज सुधार कमेटी’ बनायी. इस कमेटी ने तय किया कि इस बस्ती से उजाड़ी गयीं सेक्स वर्कर को मोमबत्ती समेत अन्य लघु उद्याेगों का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा. लेकिन आगे चलकर यह कमेटी अपने उद्देश्यों से भटक गयी और यहीं से यह सारा गदा खेल शुरू हो गया.

… तब बनानी पड़ी थी ‘वामा शक्ति वाहिनी’
‍ब्रजेश ठाकुर की संस्था ‘सेवा संकल्प व विकास समिति’ उन दिनों रेडलाइट एरिया में एड्स पर काम कर रही थी. उसे एड्स पर बिहार एड्स कंट्रोल सोसाइटी से फंड लेने के लिए ‘एनजीओ’ नहीं, ‘सीबीओ’ (कम्यूनिटी बेस्ड ऑर्गेनाइजेशन) की जरूरत थी. इसके लिए शहर के डॉ सिद्दीकी लेन में ‘वामा शक्ति वाहिनी’ नाम का सीबीओ बनाया, जिसकी लीडर मधु को बनाया गया और ब्रजेश खुद एक मेंबर के रूप में रहकर फंड जुटाने में लगा रहा. जानकार बताते हैं कि आज जिस बालिका गृह यौनशोषण मामले ने समाज को झकझोर कर रख दिया है, उस खेल की शुरुआत इसी सिद्दीकी लेन से शुरू हुई थी.

बदनाम गली की बेटी बन गयी मधु से ‘मैडमजी’
इसी दौरान मधु ब्रजेश ठाकुर के संपर्क में आ गयी. ब्रजेश ने उसे अपनी संस्था से जोड़ा और उसके बाद वह अपनी बस्ती के लिए मधु बेटी से ‘मैडमजी’ हो गयी. उसके मोहल्ले के लोग उसे अब मधु मैडम कहने लगे. कहा तो यहां तक जा रहा है कि ब्रजेश व मधु के बीच अंतरंग संबंध रहे हैं, जिसकी जानकारी ब्रजेश की पत्नी को भी थी. इसलिए वह मधु को पसंद नहीं करती थी. मधु ने दूसरी शादी नहीं की.यदि मधु के बैंक एकाउंट को खंगाला जाये, तो और भी बहुत कुछ राज खुल सकते हैं.

– अप्पन समाचार डेस्क

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