बिहारी प्रतिभाओं का यूपीएससी में डंका

शुक्रवार को यूपीएससी का रिजल्ट जारी होते ही सफल अभ्यर्थियों के घर में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी. देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में पास करना सभी का सपना होता है, लेकिन इसे साकार वही करते हैं, जिनमें मजबूत इच्छाशक्ति, दृढ़ संकल्प, मेहनत करने का साहस और धैर्य हों. इस बार की सूची में बिहार के ऐसे दर्जनों छात्रों के नाम शामिल हैं, जिसने पूरे मनोयोग से तैयारी की थी. आइये, एक नजर डालते हैं बिहारी प्रतिभाओं की इस शानदार सफलता पर –

जंदाहा के समीर किशन ने दिल्ली में रहकर की तैयारी
सामान्य परिवार से आनेवाले समीर किशन ने भी सफलता पायी है. समीर वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड के हिरपुर गांव के रहनेवाले
हैं. समीर को 748वीं रैंक मिली है. वे सिक्किम मणिपाल, गंगटोक से इलेक्ट्राॅनिक विषय में बीटेक की पढ़ाई की. इसके बाद वे दिल्ली चले गये और वहीँ पर रहकर सिविल सर्विस की तैयारी में लग गए. यूपीएससी परीक्षा में इन्होंने मेंस के लिए ज्याेग्राफी विषय को चुना था. इससे पूर्व सिविल सर्विस 2016 में भी ग्रुप डी में सफलता मिली थी, लेकिन ज्वाइन नहीं किया था. इनके पिता मनोज कुमार घर पर रह कर ही व्यवसाय करते हैं एवं मां अमिता सिंह गृहिणी हैं. दो भाइयों में समीर किशन बड़े हैं, जबकि छोटा भाई सुमंत रतन भी इंजीनियरिंग कर सिविल सेवा की तैयारी कर रहा है. समीर के छोटे चाचा प्रो. संजय कुमार सुमन मुजफ्फरपुर स्थित रामदयालु सिंह कॉलेज में इतिहास विभाग के अध्यक्ष हैं. संजय कहते हैं कि सिविल सेवा में जाने का सपना मेरा भी था, लेकिन मैं सफल नहीं हो सका. चलिए, मेरे अधूरे सपने को मेरे भजीते ने पूरा कर दिया.

गया के अमृतेष को यूपीएससी में 363वां रैंक

गया के मानपुर निवासी इंजीनियर अमृतेश कुमार ने यूपीएससी में 363वां रैंक हासिल किया है. मानपुरा में संचालित इंडस विजन अकादमी के सह संस्थापक रहे अमृतेश ने शुरू से ही मेहनती थे. उनकी मां पुष्पा कुमारी इंडस स्कूल की डायरेक्टर हैं. अमृतेश की मां पुष्पा कुमारी ने कहा कि उनके परिवार के सभी सभी लड़के इंजीनियर हैं. वे बताती हैं कि अमृतेष स्कूल में समय देने के साथ-साथ वह यूपीएससी की तैयारी भी करता रहा. इसका अच्छा परिणाम अब सामने आया है. अमृतेष के बड़े भाई इंजीनियर अभिषेक कुमार ने कहा कि मां के अनुशासन व पिता के प्रोत्साहन से उनके छोटे भाई ने यूपीएससी में बाजी मारी है. उन्होंने बताया कि दोनों भाई व उनकी बहन इंजीनियर हैं.

 

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