जानिए प्राइवेट स्कूल का सच, जो दावा करते बड़े-बड़े

मुजफ्फरपुर. जी हां, आज हम आपको एक ऐसे प्राइवेट स्कूल से परिचय कराने जा रहे हैं, जिसके शिक्षक को हिंदी में अपने स्कूल का नाम तक लिखने नहीं आता है. चयन, परिणाम, में, प्राचार्या, बधाई जैसे शब्द भी वे ठीक से नहीं लिख पाते हैं. अगर विश्वास नहीं हो, तो आप खुद देख लीजिए अपनी नंगी आंखों से –


क्या यही सच है उन पब्लिक स्कूलों का, जो मोटी-मोटी फीस लेकर बच्चों का भविष्य गढ़ने का दावा करते हैं. सीबीएसई से मान्यताप्राप्त स्कूल का जब यह हाल है, तो अन्य विद्यालयों के बारे में आप खुद अनुमान लगा सकते हैं. इस प्रेस विज्ञप्ति में इतनी गलतियां हैं कि आप पढ़ेंगे तो अपना सिर पकड़ लेंगे. सच में, इस स्कूल ने तो हिंदी की ऐसी-तैसी कर दी.

– अप्पन समाचार न्यूज नेटवर्क

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